जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने जिला जल एवं स्वच्छता समिति की ली बैठक

रुद्रप्रयाग : जिलाधिकारी विशाल मिश्रा की अध्यक्षता में एनआईसी कक्ष में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जनपद में संचालित विभिन्न कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में जल संस्थान के अधिशासी अभियंता ने अवगत कराया कि विभाग की सभी योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं तथा अधिकांश योजनाओं में हर घर प्रमाणीकरण का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। पेयजल निगम की हर घर प्रमाणीकरण की प्रगति अपेक्षाकृत कम पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक माह निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप अधिक से अधिक घरों का प्रमाणीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने वनभूमि हस्तांतरण से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विभागीय समन्वय स्थापित करते हुए वनभूमि से जुड़े प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं के निर्माण एवं पूर्णता में अनावश्यक विलंब न हो।

जल जीवन मिशन के अंतर्गत ₹2 करोड़ तथा ₹5 करोड़ से अधिक लागत वाली योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक भौतिक प्रगति का सत्यापन करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं।

बैठक में जनपद के विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि इन संस्थानों में कार्यशील नल कनेक्शन एवं निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

इसके साथ ही Implement Support Agency द्वारा किए गए कार्यों एवं लंबित भुगतानों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि ISA द्वारा किए गए कार्यों का नियमानुसार सत्यापन किया जाए तथा राज्य सरकार से संबंधित धनराशि प्राप्त होने के उपरांत भुगतान की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में पेयजल स्रोतों एवं पानी के टैंकों की साफ-सफाई की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी पेयजल स्रोतों एवं टैंकों की नियमित सफाई एवं स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके।

मानसून सीजन के मद्देनजर जिलाधिकारी ने जल निगम एवं जल संस्थान के अधिकारियों को आवंटित ग्रामों के पेयजल स्रोतों से नियमित रूप से जल नमूने लेकर उनकी जांच कराने तथा जांच रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी जल नमूने की रिपोर्ट संतोषजनक नहीं आती है तो तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए समस्या का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

इस दौरान बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, सहायक अभियंता अनुराग मैठाणी, डीडब्ल्यूएसएम के प्रोजेक्ट मैनेजर सत्य प्रसाद सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

TARUN DHIMAN

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

स्रोत पर कचरा पृथक्करण से लेकर वैज्ञानिक निस्तारण तक, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मिलेगी नई गति- सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते

Wed Sep 9 , 2026
देहरादून : उत्तराखंड में ठोस कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन और कचरा निस्तारण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी तेज हो गई है। सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 को […]

You May Like

Breaking News

Chief Editor

Ravi Priyanshu

Share
error: Content is protected !!