देहरादून : केदारनाथ धाम में चल रही चारधाम यात्रा के बीच स्वच्छता को लेकर सराहनीय पहल सामने आई है। ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत नगर पंचायत केदारनाथ ने यात्रा के पहले ही सप्ताह में करीब 1000 किलो प्लास्टिक कचरा एकत्र कर बड़ा लक्ष्य हासिल किया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ‘ग्रीन चारधाम यात्रा’ पहल का असर अब जमीन पर साफ दिखाई दे रहा है। तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ के बावजूद धाम को स्वच्छ बनाए रखने के लिए सुनियोजित व्यवस्था लागू की गई है।
नगर पंचायत ने धाम में 3000 वर्गफुट क्षेत्र में मटीरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) स्थापित की है, जहां प्लास्टिक, कांच, टिन और कपड़े समेत कुल 15 श्रेणियों में कचरे को अलग-अलग किया जा रहा है। यहां लगाए गए कॉम्पेक्टर मशीन के जरिए प्लास्टिक बोतलों को दबाकर 30-40 किलो की गठरी बनाई जा रही है।
अधिशासी अधिकारी नीरज कुकरेती के अनुसार, एकत्रित प्लास्टिक व अन्य कचरे को रीसाइक्लिंग के लिए बेचा जाएगा, जिससे नगर पंचायत को राजस्व भी प्राप्त होगा। अन्य वेस्ट को सोनप्रयाग लाकर कबाड़ के रूप में निस्तारित किया जाएगा।
धाम में दो शिफ्टों में सफाई कार्य किया जा रहा है। इसके लिए 55 सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है, जबकि यात्रा मार्ग पर अलग संस्था द्वारा सफाई सुनिश्चित की जा रही है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही तीर्थयात्रियों से सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करने और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग की अपील कर चुके हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने भी सभी यात्रियों से अपील की है कि देवभूमि की नाजुक पारिस्थितिकी को ध्यान में रखते हुए कचरा इधर-उधर न फैलाएं। सरकार धामों, नदियों और हिमालयी क्षेत्र के संरक्षण के लिए लगातार प्रयासरत है।
कुल मिलाकर, केदारनाथ में स्वच्छता अभियान न केवल पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण बन रहा है, बल्कि कचरे से संसाधन और आय सृजन की दिशा में भी नई राह दिखा रहा है।
The post केदारनाथ में स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत एक सप्ताह में जमा किया एक हजार किलो प्लास्टिक वेस्ट first appeared on doonvoice.


