देहरादून : भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के तहत स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की ने अल्ट्रा लो हेड (ULH) और हाइड्रोकिनेटिक टर्बाइन के लिए अत्याधुनिक अनुसंधान एवं विकास (R&D) सुविधा स्थापित की है। यह पहल देश के ‘नेट ज़ीरो 2070’ लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
इस नई सुविधा का उद्घाटन संतोष कुमार सारंगी, सचिव, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि लघु जल विद्युत (Small Hydro Power) भारत की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, खासकर ग्रामीण, दुर्गम और पर्वतीय क्षेत्रों में। उन्होंने बताया कि वर्ष 2030-31 तक इस क्षेत्र में 50 लाख से अधिक मानव-दिवस रोजगार सृजन की संभावना है।
इस परियोजना का विकास प्रो. अरुण कुमार के नेतृत्व में MNRE के वित्तीय सहयोग से किया गया है। इसमें दो प्रमुख इकाइयां—अल्ट्रा लो हेड प्रयोगशाला और हाइड्रोकिनेटिक टर्बाइन सुविधा शामिल हैं, जो उभरती लघु जल विद्युत तकनीकों के अनुसंधान को गति देंगी।अल्ट्रा लो हेड प्रयोगशाला में 1 से 4 मीटर तक की कम जल ऊंचाई (हेड) से बिजली उत्पादन करने वाली नवीन टर्बाइन तकनीकों का परीक्षण किया जा सकेगा। इसमें वर्टिकल व हॉरिजॉन्टल प्रोपेलर टर्बाइन और फिश-फ्रेंडली स्क्रू टर्बाइन शामिल हैं, जिन्हें सिंचाई नहरों और अपशिष्ट जल निकासी स्थलों पर भी उपयोग में लाया जा सकेगा।
अपने दौरे के दौरान सचिव ने संस्थान में फ्लोटिंग सोलर तकनीक, डैम सुरक्षा, पर्यावरणीय प्रभाव आकलन, जल संसाधन प्रबंधन और नीति अनुसंधान से जुड़ी क्षमताओं की भी समीक्षा की।संस्थान के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने कहा कि यह नई सुविधा विश्वसनीय, सस्ती और सतत ऊर्जा प्रणालियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा राष्ट्रीय और वैश्विक जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने में सहायक होगी।
अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान सारंगी ने हाइड्रो, सोलर, बायोमास, हाइड्रोजन, ग्रिड इंटीग्रेशन और स्वदेशी बैटरी तकनीकों पर चल रहे शोध कार्यों की भी समीक्षा की। साथ ही उन्होंने मोहम्मदपुर पावर हाउस और गंगा नदी पर स्थित चीला जलविद्युत परियोजना का भी निरीक्षण किया।यह नई सुविधा भारत के नवीकरणीय ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने और सतत विकास के लिए नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
The post आईआईटी रुड़की में अल्ट्रा लो हेड व हाइड्रोकिनेटिक टर्बाइन के लिए नई आरएंडडी सुविधा स्थापित first appeared on doonvoice.


