देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकारी विभागों पर लंबित विद्युत बिलों की धनराशि जल्द जारी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में यूपीसीएल और पिटकुल की समीक्षा बैठक में निगमों की वित्तीय स्थिति, लंबित देनदारियों और बिजली व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
बैठक में यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक ने निगम की वर्तमान वित्तीय स्थिति, देनदारियों और वित्तीय चुनौतियों की जानकारी दी। इस दौरान अनुपूरक बजट में अतिरिक्त मांग, सरकारी कार्यालयों के बकाया भुगतान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच परिसंपत्तियों एवं दायित्वों के विभाजन, पूंजीगत कार्यों के लिए अंशपूंजी, सरचार्ज माफी योजना और मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना समेत कई विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी विभागों पर 30 सितंबर 2026 तक विद्युत मूल्य के सापेक्ष बकाया 539.61 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त कराने के निर्देश दिए। साथ ही अनुपूरक बजट में स्वीकृत 166 करोड़ रुपये यूपीसीएल को शीघ्र जारी करने को कहा।
बैठक में भारत सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत सरकारी कार्यालयों में लगाए गए स्मार्ट मीटरों को प्राथमिकता के आधार पर प्रीपेड करने के लिए बजट उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने यूपीसीएल की ओर से शासन के समक्ष प्रस्तुत प्रस्तावों का संबंधित सचिवों से परीक्षण कराने को कहा।
इसके अलावा मुख्यमंत्री घोषणाओं के तहत किए गए कार्यों के भुगतान, पूंजीगत कार्यों के लिए अंशपूंजी की उपलब्धता और उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश के बीच परिसंपत्तियों एवं दायित्वों के विभाजन से संबंधित ट्रांसफर स्कीम के तहत देय धनराशि पर भी चर्चा हुई। बैठक में निगम की वित्तीय स्थिति मजबूत करने और विद्युत आपूर्ति एवं विकास कार्यों को सुचारू रखने के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने आगामी कुंभ मेले, दीपावली और अन्य त्योहारों के मद्देनजर प्रदेश में बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुचारू और निर्बाध रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान बिजली व्यवस्था को लेकर किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक तैयारियां पहले से पूरी कर ली जाएं।
बैठक में प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक के अलावा मुख्य अभियंता गौरव शर्मा, महाप्रबंधक वित्त अमित कुमार कसल, अधीक्षण अभियंता सुधीर कुमार सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


